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कांग्रेस से उम्मीद रखने वाले कर्मचारियों को राजनीतिक द्वेषता के चलते काला, पानी की सजा दी जा रही है : सुरेश मीणा किशोरपुरा

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को सरपंचों के अधिकार छीनने तथा  राजनीतिक दुर्भावनावश किये जा रहे कर्मचारियों के ट्रांसफर की बताई पीड़ा 


पलसाना - आदिवासी मीणा सेवा संघ के प्रदेश प्रधान एवं श्री मीन सेना के प्रमुख सुरेश मीणा किशोरपुरा ने सीकर जिले के लांपुआ गांव में आयोजित शौर्य चक्र विजेता शहीद महेश मीणा के मूर्ति अनावरण समारोह में शिरकत करने आए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को शेखावाटी सहित प्रदेश भर में मीणा समाज के साथ किए जा रहे अन्याय के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदेश के 11हजार सरपंचों के हितों पर हुए कुठाराघात की बात से भी पायलट को अवगत करवाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस सरकार आने के इंतजार में हम क्या-क्या उम्मीद लगा रहे थे, पर वास्तव में जब-जब यह सरकार आती है  हमेशा अधिकार देने की बजाय छीनने के प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर लिस्ट में हमारे कर्मचारियों को सबसे ज्यादा प्रताड़ना दी गई। उनका कहना था कि मेरे पास लिस्ट है  तीन सौ से अधिक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के राजनीतिक व्यवस्था के चलते उन्हें 300 से 400 किलोमीटर दूर दराज भेजा जा रहा है। उनका कहना था कि आखिर उनका क्या कसूर है। उनको काला पानी की तरह सजा क्यों दी जा रही है। इसी के साथ हमारा पदोन्नति में ही नहीं धीरे-धीरे चुपके चुपके सरकार आरक्षण भी समाप्त करती जा रही है। उनका कहना था कि हम नादान नहीं है हमें अपने लोगों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ लड़ना भी आता है। और नाइंसाफी करने वाले राजनेताओं को सबक सिखाना भी आता है। हमारा इस सरकार को पहला और आखरी अल्टीमेटम है। हमारे लोगों के साथ इस तरह के बर्ताव  को बंद कर दो। हम  निवेदन करते हैं कि जिनके स्थानांतरित किए गए हैं उन्हें निरस्त करके उनका सम्मान लौटा दो । उन्होंने कहा नौकरी  बाड़मेर जैसलमेर नागौर कहीं भी कर लेंगे मगर 3 साल बाद  फिर हम से कोई उम्मीद मत रखना ।उन्होंने बताया कि अनेक शिक्षक प्रिंसिपल ऐसे हैं जिन्होंने शिक्षा में नवाचारों को बढ़ावा देते हुए  सह शैक्षिक गतिविधियों यथा स्काउटिंग, एनएसएस, खेल में उल्लेखनीय कार्य करते हुए संपूर्ण जिले के लिए प्रेरणा स्रोत बने। स्काउटिंग आंदोलन में उनकी भूमिका सर्वोत्तम रही । मगर उनको भी जिले से बाहर क्या मतलब है




रिपोर्ट - पवन कुमार शर्मा