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57 वी पुण्यतिथि मनाई

 पाली ( मारवाड़ जंक्शन ) - ॐ श्री विश्वदीप गुरूकुल स्वामी महेश्वरानंद आश्रम शिक्षा एवं शोध संस्थान, जाड़न  के तत्वाधान में,आराध्य भगवान श्री दीप नारायण महाप्रभु जी की 57 वी पुण्यतिथि मनाई गईं ,इस अवसर पर महंत  स्वामी फूलपुरी ने कहा कि ,ॐ श्री अलखपुरी जी पीठ परम्परा के पिठाधीश्वर विश्व गुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानन्दपूरी महाराज ,ने चेक रिपब्लिक  गणराज्य  स्ट्रिलकी आश्रम से स्काइप के माध्यम से ,आश्रम में सभी अनुयाइयों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि ,आराध्य भगवान श्री दीप नारायण महाप्रभु जी एक ईश्वरीय अवतार थे उनकी पूजा अर्चना सम्पूर्ण विश्व में की जा रही है ,प्रकाश पुंज अमृत के सागर श्री दीप हरि महादानी है ,जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन परमार्थ एवं मानव कल्याण हेतु समर्पित करते हुए पृथ्वी पर मानव मात्र को आध्यात्मिकता का संदेश देते हुए ,कहा की मानव को ईश्वर से शुद्ध प्रेम, नैतिकता, दृढ़ निश्चय, आत्मविश्वास, ईमानदारी, सत्य, अहिंसा और चरित्र निर्माण जैसे सद्गुणों को अपने जीवन में धारण करने चाहिए तथा मनुष्य को मादक पदार्थ ,काम, क्रोध, मोह, हिंसा, अहंकार से दूर रहना चाहिए यह मनुष्य के शत्रु हैं, उन्हें माता पिता व गुरु की सेवा करनी चाहिए। प्राणीमात्र में ईश्वर है ऐसा मानकर सब के प्रति दया का भाव रखना चाहिए। इस मौक़े पर आस्ट्रिया से स्वामी प्रेमानंद, स्वामी अवतार पूरी, आश्रम के व्यवस्थापक लक्ष्मण दान चारण, सोजत से सुरेश घाँची मिनाक्षी हीना, देवीलाल जी पूर्व पार्षद एवं देश विदेश के भक्त गण उपस्थित थे।




संवाददाता - शैलेश वर्मा