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राजस्थान प्राइमरी एजुकेशन महा संघ की बैठक आयोजित

अजमेर - प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष समन्दर सिंह, प्रदेश संयोजक हेमेन्द्र बारोटिया, प्रदेश महासचिव अशोक कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल भाटीया, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला सचिव राजेश वर्मा की उपस्थिति में राजस्थान प्राई.एज्यू.महासंघ की आज कोरकमेटी की बैठक आयोजित हुई। 

बैठक मे प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि कोविड-19 की वजह से विद्वालय लम्बे समय से बंद है। जिससे निजी विद्यालय आर्थिक संकट मे है। आरटीई के तहत इस स़त्र 2020-21 का पैसा नही दिया जायेगा। शिक्षामंत्री के इस बयान का सभी निजी विद्यालयों ने घोर विरोध किया है। महासंघ ने हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है। 

प्रदेश संयोजक हेमेन्द्र बारोटिया ने बताया कि, सरकार ने पहले से ही विगत तीन वर्षो का आरटीई का भुगतान नही किया जिसके चलते कोरोना काल की मार झेल रहे स्कूल मरणासन्न स्थिति मे है। अब सरकार ने एक बार फिर से बगेर सोचे समझे आरटीई का इस सत्र का पैसा स्कूलो को नही देने का तुगलकी फरमान सुना दिया। जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रीजी का कहना है कि पिछले 9 महिने से ‘‘स्कूले बन्द है‘‘ ऐसे में किस बात का पैसा ? 

जबकि प्राईवेट स्कूलो का कहना है कि उन्होने लगातार ऑनलाईन प्लेट फॉर्म से बच्चो को पढाई कराई है ऐसे में पैसा रोकना नाजायज है। अगर सरकार अपने पूरे सरकारी महकमे को जो कि शिक्षा से जुडा हुआ है उनको वेतन भत्ते /दिपावली का बोनस दिया जा सकता है तो मेहनत करके पढाने के बाद भी प्राईवेट स्कूल का पैसा रोकना कहां तक न्याय उचित है। प्राईवेट स्कूल द्वारा विगत दिनो में महासंघ द्वारा कई आन्दोलन हुए। शिक्षामंत्री जी ने महासंघ के शिष्टमंडल के साथ वार्ता में कई वादे किये। लेकिन वर्तमान सरकार निजी विद्यालयों के इस कोरोना काल में सौतेला व्यवहार किया है। निजी विद्यालयों जो ग्रामिण क्षेत्रो में निम्न और मध्यम वर्ग की स्कूले जो कई विद्यालय किराये में संचालित हो रहे थे उनको शिक्षा मंत्री जी ने तुगलकी बयान देकर उनकी आशाओ पर पानी फेर दिया और आज कई स्कूले बन्द होने के कगार पर है। महासंघ के पदाधिकारियों ने वर्तमान शिक्षा मंत्री के लिए ईश्वर से प्रार्थना की कि भगवान इनको सद्बुद्धी दे। महासंघ के शिष्टमंडल ने आज शिक्षामंत्री के तुगलकी बयान पर विरोध जताया कि यदि सरकार आरटीई का पूर्ण भुगतान एवं 1 जनवरी से स्कूले/कॉचिंग/महाविद्यालय नही खुली तो अब समय आगया है कि प्रदेश स्तर पर उग्र आन्दोलन किया जायेगा। जिसकी जिम्मेदारीV सरकार की होगी लेकिन हम हमारे अधिकार को लेकर रहेगें।



संवाददाता - राजीव दाधीच