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जल स्वालंबन ऑनलाइन वेबीनार हुई

जल है तो कल है : संजय खीचड

पलसाना - नेशनल ग्रीन कोर एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय के तत्वावधान में 11 बजे जल स्वावलंबन विषय पर समस्त इको क्लब की जिला स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें डॉक्टर संजय खीचड़ मानव संसाधन एवं विकास सलाहकार पीएचई डी,संरोज कुमारी सहायक अभियन्ता पी एच ई डी, मोहसिन खान सहायक अभियन्ता, सुमित्रा चौधरी सहायक अभियन्ता पी एच ई डी के सीओ स्काउट बसंत कुमार लाटा, सीओ गाइड रितु शर्मा के नेतृत्व में ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया। मीटिंग में जिले के स्थानीय संध दॉता, पलसाना, सहित जिले के अन्य स्थानीय संधो  से इको क्लब प्रभारी के रूप में विभिन्न विद्यालयों के 118 सदस्यों ने सहभागिता की। सचिव रामलाल चौधरी ने संभगियो को पारंपरिक जल स्त्रोतों के बारे में पूर्ण जानकारी प्रदान की। वर्षा के जल संरक्षण के तरीके एवं उनका अधिकतम उपयोग बताया। मोहसिन खान सहायक अभियंता एवं तकनीकी सलाहकर ने जल की शुद्धता से संबंधित जांच एवं उसकी क्या आवश्यकता है पर चर्चा की। सरोज कुमारी सहायक अभियंता ने बताया कि सरकार द्वारा जल जीवन के नाम से नया प्रोजेक्ट शुरू किया गया है । जिसका उद्देश्य प्रत्येक घर में पाइप लाइन द्वारा सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सरकार किस तरह स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्रत्येक गांव के सरपंच आदि के साथ मिलकर ग्राम वासियों के उत्थान के लिए इस योजना पर कार्य कर रही है 

। जिसमें ग्रामीण एवं विशेषतरू महिलाएं भी कमेटी में शामिल की जाती हैं। सुमित्रा चौधरी सहायक अभियंता मॉनिटरिंग पी एच ई डी मैं अपनी वार्ता में बताया कि किस तरह पानी का सदुपयोग प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बन गई है। राज्य सरकार  पानी हर घर में शुद्धतम रूप में पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लेकिन उसे अधिकतम रूप से उपयोग करना स्वयं की जिम्मेदारी है। डॉक्टर  संजय खीचड़ ने बताया कि सरकार द्वारा जनलाभ के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिस के अन्तर्गत अब कोई भी व्यक्ति ट्यूब वैल लगा सकता है 4उसके लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। जल स्त्रोतों के स्तर के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि धरातल पर किस स्तर पर जल स्त्रोतों का निर्माण किया जाना चाहिए। जिससे जल दूषित ना हो। जमीन के नीचे भी कीटाणु फैलते है। अतः यह आवश्यक है कि पेय जल की पाईप लाइन सीवरेज के पास ना हो।

         अत्यधिक दोहन से धरातल का जल स्तर बहुत गिर गया है। जिसके कारण भूमि बंजर बनने लगती है। वर्षा के जल संरक्षण द्वारा भूमि का जल स्तर बढ़ाया जा सकता है। सरकार बिजली की तरह अब पानी के भी मीटर लगाने की तैयारी कर रही है। जिसमें जितना पानी आप उपयोग करेंगे। सीओ गाइड ऋतु शर्मा ने पी पी टी के माध्यम से समझाया कि भूमि पर कितना जल उपयोगी है हमें औसतन कितने जल कि आवश्यकता होती है और उपलब्ध स्त्रोतों के आधार पर हम कितना जल जनसाधारण तक पहुंचा सकते है। सी ओ स्काउट बसंत कुमार लाटा ने सभी संभागियो को आवश्यक जानकारी प्रदान की। एवं ग्रुप स्तर पर मीटिंग का आयोजन कर इको क्लब के सभी सदस्यों को जल संरक्षण संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान करने के दिशा निर्देश दिए। सीओ गाइड ने ऑनलाइन वेबीनार में  जुड़े स्थानीय संघ के समस्त को धन्यवाद ज्ञापित कर उक्त मीटिंग का समापन किया गया।





रिपोर्ट - पवन कुमार शर्मा