जयपुर - प्रदेश कांग्रेस की संभावित कार्यकारिणी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा शुक्रवार को सुबह दिल्ली पहुंचे और उन्होंने प्रदेश प्रभारी अजय माकन से मुलाकात कर फिर से कार्यकारिणी के नामों पर चर्चा की। लेकिन अब तक नई कार्यकारिणी के नामों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बार कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की संख्या 35 तक सीमित कर देने के कारण सभी गुटों के नेताओं के नाम को सम्मिलित करना एक चुनौती हो गया है। प्रभारी अजय माकन ने डोटासरा द्वारा दी गई लिस्ट में संशोधन किए जाने को लेकर ही मंथन चल रहा है।
माकन ने स्पष्ट कहा है कि कार्यकारिणी में सभी गुट के नेताओं को संतुष्ट किया जाना है। ऐसे में सूची आने में तीन-चार दिन और समय लग सकता है। हालांकि डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का प्रस्ताव बनाकर हाल ही में एआईसीसी को भेजा था। सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को लेकर आला नेताओं में सहमति नहीं बन पा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से पूर्व में दी गई सूची को प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने वापस लौटा दिया था और कार्यकारिणी के लिए वरिष्ठ नेताओं से भी राय मशवरा करने के निर्देश दिए थे। जिस पर डोटासरा ने पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट, डॉ. चंद्रभान, डॉ.बीडी कल्ला, नारायण सिंह और डॉ. सीपी जोशी से भी मुलाकात कर नाम मांगे थे।
बताया जाता है कि आज भी अजय माकन और डोटासरा के बीच नामों को लेकर चर्चा हो रही है कि किस प्रकार से नेताओं द्वारा सुझाए गए नामों को शामिल किया जा सके। संभावित कार्यकारिणी में अधिक संख्या होने के कारण फिलहाल मंथन चल रहा है कि पहली सूची में किस-किस का नाम शामिल किया जाए । गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष और विभिन्न प्रकोष्ठ-विभाग 14 जुलाई 2020 से ही भंग पड़े हैं। प्रदेस प्रभारी अजय माकन ने 31 दिसंबर तक हर हाल में कार्यकारिणी घोषित किए जाने की डेडलाइन दी थी, लेकिन वो डेड लाइन भी अब बीत चुकी है।
रिपोर्ट - राजीव दाधीच

