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कोविड़ 19 की परिस्थितियों के मद्देनजर पाली जिले में 31 दिसम्बर 2020 तक नई गाईडलाईन जारी की

पाली - जिला मजिस्ट्रेट अंश दीप ने आदेश कर बताया कि कोविड़ 19 के फैलाव की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले में एक से 31 दिसम्बर 2020 तक की अवधि के लिए कन्टेनमेंट जोन में लाॅकडाउन रहेगा। उन्होंने बताया कि भेद्य एवं उच्च घटनाओं वाले क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन का प्रभावी सीमांकन, संक्रमण के ट्रांसमिशन की श्रृंखला को तोड़ने और वायरस के प्रसार को नियन्त्रित करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय है। कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित कड़े प्रतिबंध उपायों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करवाई जानी है। उन्होंने बताया कि कन्टेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियां ही अनुमत होगी। कन्टेनमेंट जोन में यह सुनिश्चित करने के लिए कि इन जोन्स के अन्दर और बाहर व्यक्तियों का आवागमन चिकित्सा आपात स्थिति और आवश्यक वस्तुओं और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनाये रखने के अलावा नहीं हो, सख्त परिधि नियन्त्रण लागू होगा।  कन्टेनमेंट जोन्स में आवश्यकता  अनुसार सघन सम्पर्क ट्रेसिंग, घर-घर निगरानी तथा आवश्यकतानुसार अन्य आवश्यक चिकित्सकीय गतिविधियां अमल में लाई जावे। ऐसे व्यक्ति जो कोविड  पाॅजिटिव पाये गये है, उनके सम्पर्क में आने वाले सभी लोगों की सूची बनाई जाकर उनकी ट्रेकिंग, पहचान  एवं उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारन्टीन किया जावे एवं कोविड पाॅजिटिव पाये गये व्यक्ति के सम्पर्क में आने वाले सभी लोगों में से कम से कम 80 प्रतिशत की 72 घंटे में पहचान कर आवश्यक कार्यवाही की जावे। कोविड-19 रोगियों को उपचार सुविधा स्थलों पर उनके घरों में (गाईडलाईन की पालना की शर्त पर) तुरन्त आईसोलेट किया जाएगा। चिकित्सा विभाग हर दिन सभी पाॅजिटिव केस के मामलों की सूची (पता एवं मोबाईल विवरण के साथ) संबंधित थानाधिकारी के साथ बीट कांस्टेबल द्वारा निगरानी प्रयोजन हेतु साझा करंेगे। बीट कांस्टेबल पाॅजिटिव केस के मामलों की निगरानी के लिए त्ंरब्वअपकप्दवि  ऐप डाउनलोड करेगा। वह यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरीज घर-पर ही रहता है, तीन दिन मंे कम से कम एक बार रोगी के घर का दौरा करेगा और रोगी के मोबाईल फोन पर त्ंरब्वअपकप्दवि  ऐप भी डाउनलोड करायेगा। उप निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, पाली  कोविड क्वारांटीन ट्रेकिंग अलर्ट सिस्टम ;फज्।ैद्ध  और मरीज को काॅल करने के लिए 181 सेवा के उपयोग के  बारे में आवश्यक आदेश जारी कर पालना सुनिश्चित करे। निर्धारित एवं आवश्यक नैदानिक हस्तक्षेप ;ब्सपदपबंस पदजमतअमदजपवदद्ध  किया जावे।  इन्फ्लूएंजा लाईक इलनेस एवं सीवियर एक्यूट रेस्पीरेटरी इलनेस मामलों के लिए निगरानी (सर्विलेंस) स्वास्थ्य सुविधाओं या आउटरीच मोबाईल इकाइयों या बफर जोन में स्थित बुखार क्लीनिक के माध्यम से की जावे। समुदायों में कोविड-19 से बचने के लिए उचित व्यवहार संबंधी जागरूकता पैदा की जावे। निर्धारित कन्टेनमेंट निर्देशों की सख्ती से पालना करवाये जाने की जिम्मेदारी स्थानीय जिला, पुलिस और नगर परिषद/ नगर पालिका अधिकारियों की होगी। कन्टेनमेंट जोन्स में किसी भी प्रकार की छूट अनुमत नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि कन्टेनमेंट के बाहर के क्षेत्रो में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार विद्यार्थियों के लिए एवं नियमित कक्षा गतिविधियों के लिए सभी विद्यालय/महाविद्यालय/शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान आदि 31 दिसम्बर तक बंद रहेंगे, यद्यपि निम्नांकित गतिविधियों की अनुमति जारी रहेगी। आॅन-लाईन/डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगी एवं इसे प्रोत्साहित किया जावे। विद्यालयों में आॅन-लाईन अध्यापन/ टेलीकाउन्सलिंग एवं संबंधित कार्यों के लिये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) के अनुसार 50 प्रतिशत शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ को स्कूल में बुलाया जा सकेगा। केवल कन्टेन्मेट जोन्स के बाहर के विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को स्वैच्छिक रूप से विद्यालय जाकर अपने अध्यापको से मार्गदर्शन प्राप्त करने की अनुमति होगी, लेकिन ऐसा करने से पूर्व विद्यार्थियों को माता-पिता, अभिभावकों से लिखित सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा एवं इस उद्देश्य हेतु जारी “मानक संचालन प्रक्रिया“ (एस.ओ.पी.) की अनुपालना आवश्यक होगी। एक दिसम्बर 2020 से नर्सिग एवं जी.एन.एम. महाविद्यालय/विद्यालय अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाईडलाईन्स अनुसार खोले जायेंगे। मेडिकल महाविद्यालयों के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय एक दिसम्बर 2020 से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाईडलाईन्स अनुसार खोले जायेंगे। उच्च शिक्षा संस्थानों को, केवल शोध एवं विज्ञान व तकनीकी कार्यक्रमों के ऐसे स्नात्कोत्तर विद्यार्थी जिनको प्रयोगशाला, प्रायोगिक कार्य से संबंधित कार्य करना होता है, को दिनांक 15.10.2020 से खोले जाने के अनुमति जारी की हुई है, जो निम्नानुसार है केन्द्रीय वित्त पोषित उच्च शैक्षणिक संस्थानों के संस्था प्रधानों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे स्वयं का यह समाधान करेंगे कि शोधार्थी एवं विज्ञान व तकनीकी कार्यक्रमों के स्नातकोत्तर विद्यार्थी जिनको प्रयोगशाला, प्रायोगिक कार्य की वास्तविक आवश्यकता है। अन्य उच्च  शैक्षणिक संस्थान जैसे कि जिले के विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय इत्यादि के केवल शोधार्थी एवं विज्ञान व तकनिकी कार्यक्रमों के ऐसे स्नात्तकोत्तर विद्यार्थी जिनको प्रयोगशाला, प्रायोगिक कार्य से संबंधित कार्य करना होता है, राज्य सरकार के निर्णय अनुसार खोला जा सकेगा। सिनेमा हाॅल, थियेटर्स, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन पार्क एवं समान स्थान 31 दिसम्बर 2020 तक बंद रहेंगें। 31 दिसम्बर तक सामाजिक, राजनैनिक, खेल-कूद, मनोरंजन, शैक्षणिक, धार्मिक आयोजनों एवं वृत एकत्रीकरण की अनुमति नहीं होगी। तथापि, कन्टेन्मेट् जोन्स के बाहर के क्षेत्रों मे ंनिम्नलिखित कार्य जारी रहेंगे। विवाह संबंधी आयोजन द्वारा संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को अधिमानतः ई-मेल द्वारा पूर्व सूचना देनी होगी। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जावे। फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा “नो मास्क नो एन्ट्री“ की सख्ती से पालना की जावे। स्क्रीनिंग एवं स्वच्छता सुनिश्चित की जायेगी प्रवेश एवं निकास के बिन्दुओं पर थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवाॅश एवं सैनिटाईजर के प्रावधान किये जावे। सामान्य सुविधाओं एवं मानव सम्पर्क में आने वाले सभी बिन्दु जैसे रैलिंग्स, डोर हैण्डल्स आदि को बार-बार सैनिटाईज्ड किया जावे। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि आमंत्रित मेहमानों (अतिथियों) की संख्या 100 से अधिक नहीं हो। अन्त्येष्टि/अन्तिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनने, सामाजिक दूरी एवं थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवास और सैनेटाईजर के प्रावधानों के साथ । अनुमत व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं हो, ऐसा सुनिश्चित किया जावे।

उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन द्वारा सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक सार्वजनिक या जन कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में कार्यक्रम की बैठक व्यवस्था प्लान के साथ अधोहस्ताक्षरकर्ता को आवेदन किया जाता है तो अद्योहस्ताक्षरकर्ता के स्वयं के समाधान होने पर ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए निम्नांकित शर्तो के अध्ययधीन अनुमति प्रदान की जावेगी। आयोजनकर्ता यह सुनिश्चित करंेगे कि बन्द स्थानों पर हाॅल क्षमता की 50 प्रतिशत क्षमता तक, अधिकतम 100 व्यक्तियों की सीलिंग रखते हुए ही व्यक्ति अनुमत किये जावे। खुले स्थानों पर स्थल, जगह को ध्यान में रखते हुए 100 व्यक्तियों की सीलिंग रखी जावे। प्रत्येक व्यक्ति 06 फीट दूरी (दो गज की दूरी) संधारित करेगा। सामाजिक दूरी की पालना सुनिश्चित की जावे। फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा “नो मास्क नो एन्ट्री“ की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जावे। स्क्रीनिंग एवं स्वच्छता सुनिश्चित की जायेगी प्रवेश एवं निकास के बिन्दुओं पर एवं काॅमन एरिया में थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवाॅश एवं सैनिटाईजर के प्रावधान किये जावे। कुर्सियों, सामान्य सुविधाओं एवं मानव सम्पर्क में आने वाले सभी बिन्दुओं जैसे रैलिंग्स, डोर हैण्डल्स एवं सार्वजनिक सतह, फर्श आदि की बार-बार सफाई सुनिश्चित की जावे। उपरोक्त शर्तों में से किसी का भी उल्लंघन अपराध है और भारी जुर्मानें के साथ दण्डनीय है। कन्टेन्मेंट जोन के बाहर अनुमत गतिविधियों हेतु लागू मानक कार्य प्रणाली (एस.ओ.पी.) की सख्ती से पालना करनी होगी। इसमें केवल बिजनेस से बिजनेस के लिए (बी 2 बी) प्रयोजनों के लिए प्रदर्शनी हाॅल का उपयोग परन्तु इस हेतु हाॅल क्षमता की 50 प्रतिशत क्षमता तक अथवा अधिकतम 100 व्यक्ति (जो भी कम हो) ही अनुमत होंगे। संबंधित प्राधिकारियों द्वारा मानक कार्य प्रणाली (एस.ओ.पी.) को सख्ती से लागू करवाया जावेगा एवं इसकी कड़ाई से पालना करवाये जाने हेतुु उत्तरदायी रहेंगे।

जिले में कोविड-19 के प्रबन्धन हेतु सामान्य सुरक्षा निर्देश देते हुए उन्होंने बताया कि जिले में सभी क्षेत्रों के लिए सामान्य सुरक्षा के निर्देश लागू रहेंगे। सार्वजनिक स्थानों में सावधानियां सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक होने के कारण आज्ञापक है एवं इनका उल्लंघन दण्डनीय होगा। मुँह का ढकना सभी सार्वजनिक एवं कार्य स्थलों एवं परिवहन के दौरान फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। “नो मास्क नो एन्ट्री“ की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराई जावे। सामाजिक दूरी: सार्वजनिक स्थानों में प्रत्येक व्यक्ति के 06 फीट यानि (“दो गज की दूरी“) बनाये रखेगा। सार्वजनिक एवं कार्यस्थलों पर थूकना निषिद्ध है और जुर्माने से दण्डनीय होगा। सार्वजनिक स्थलों पर शराब, पान, गुटखा, तम्बाकू आदि का सेवन निषिद्ध है व जुर्माने से दण्डनीय होगा। सभी व्यक्तियो को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी ऐसी सतह, जो सार्वजनिक सम्पर्क में है, को छूने के उपरान्त साबुन और पानी से हाथ धोयें, सैनिटाईजर का उपयोग करे। कार्य स्थलों (कार्यालय, प्रतिष्ठान, कारखानों, दुकानों आदि) के लिए निम्नांकित अतिरिक्त सुरक्षा सावधानियां और निर्धारित की जाती है। घर से कार्य जहाँ तक सम्भव हो घर से काम करने की विधि की पालना की जाये। कार्य/ व्यवसाय के घण्टों में अन्तराल रखना: कार्यालयों, कार्य स्थलों, दुकानों, बाजारो और औद्योगिकी व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम, व्यवसाय के घण्टों में अन्तराल रखा जाये, जांच एवं स्वच्छता सभी प्रवेश और निकास बिन्दुओं और काॅमन स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवाॅश और सैनिटाईजर का प्रबन्ध किया जावे। बार-बार सैनिटाईजेशन करना सम्पूर्ण कार्यस्थलों, आम सुविधाओं और मानव सम्पर्क में आने वाले सभी बिन्दुओं जैसे दरवाजे के हैण्डल आदि का शिफ्टों के मध्य बार-बार सैनिटाईजेशन करना सुनिश्चित किया जावे। सामाजिक दूरी कार्य स्थलों के प्रभारी व्यक्तियों द्वारा श्रमिकों के बीच पर्याप्त दूरी, पारियों के बदलने में पर्याप्त अन्तराल तथा लंच ब्रेक में उपयुक्त अन्तराल आदि के माध्यम से सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जावे। श्रेष्ठ स्वच्छता विधियों पर सघन संचार और प्रशिक्षण दिया जावे।

उन्होंने बताया कि निर्देशों की पालना कार्यस्थल प्रभारी द्वारा सुनिश्चित की जावेगी। पालना नहीं की जाने की स्थिति में आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 और राजस्थान महामारी अधिनियम, 2020 में वर्णित जुर्मानों एवं दण्ड की कार्यवाही अधोहस्ताक्षरकर्ता एवं अन्य अधिकृत अधिकारियों द्वारा की जायेगी। व्यवसायिक प्रतिष्ठान या दुकानों में ग्राहकों के मध्य पर्याप्त दुरी सुनिश्चित की जायेगी। “नो मास्क नो सर्विस“ जैसे कि जिस किसी ग्राहक ने फेस मास्क नहीं पहन रखा होगा तो उसको दुकानदार द्वारा कोई सामान विक्रय नहीं किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु का उपयोग आरोग्य सेतु संक्रमण के संभावितों की शीघ्र पहचान में सक्षम बनाता है, और इस प्रकार यह व्यक्तियों और समुदाय के लिए एक कवच का काम करता है। सभी नियोजनकर्ता अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक एवं स्वयं की सुरक्षा के लिए उनके मोबाईल फोन पर आरोग्य सेतु को इन्स्टाल करने एवं उपयोग करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करेंगे। 50 या अधिक कर्मचारियों वाले संगठन वाले संगठन और व्यावसायिक संस्थाओं को ।ंतवहलंैमजनव्चमद ।च्प् सेवा ( ीजजचेरूध्ध्वचमदंचपण्ंतवहलंेमजनण्हवअण्पद) का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जावे। व्चमद ।च्प् सुविधा संगठनों और कर्मचारियों को कोविड-19 जोखिम मुक्त वातावरण में काम पर लौटाने में सहायक होगी। जिला प्राधिकारियों को आरोग्य सेतु एप को आमजन के मोबाईल फोन पर इन्स्टाल करने एवं उस पर नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की स्थिति को अपडेट करने का परामर्श देना चाहिए। इससे उन व्यक्तियों को जो महामारी के जोखिम में है, को समय रहते चिकित्सा हेतु ध्यान देने के लिए सुविधा मिलेगी। वल्नरेबल व्यक्तियों के लिए सुरक्षा सलाह हेतु वल्नरेबल व्यक्तियों जैसे (65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति, पुराने रोगों एवं सःरूग्णता परिस्थितियों से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिलाऐं, तथा 10 वर्ष से कम आयु के बालक) को घर पर ही रहने एवं केवल आवश्यक व स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए ही और यदि अपरिहार्य परिस्थितियां ऐसी मांग करें तो ही बाहर जाने की सख्त हिदायत दी जाती है। घर से बाहर जाने पर यह अति-आवश्यक है कि वे समय-समय पर निर्दिष्ट सुरक्षा सावधानियों की सर्वाधिक पालना करें।

उन्होंने बताया कि व्यक्तियों के आवागमन, परिवहन, पास वस्तुओं के अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। ऐसे आवागमन के लिए पृथक से अनुमति, अनुमोदन, ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। सभी काॅमर्शियल यात्री परिवहन वाहन - यात्रा से पहले एवं यात्रा के पश्चात् सीटों एवं छूनें के बिन्दुओं के उपयुक्त सैनिटाईजेशन एवं अन्य निर्धारित सुरक्षा सावधानियों की शर्तों की अनुपालना के अधीन बस, टैक्सी, कैब, संचालक (ओला/उबर आदि) आॅटो रिक्शा, साईकिल रिक्शा आदि का संचालन भी अनुमत होगा। सीटी बसें (लोक परिवहन) जारी की गई एस.ओ.पी. के अनुसार अनुमत होंगे। किसी भी वाहन (निजी/वाणिज्यिक) से यात्रा कर रही सवारियों की संख्या पंजीकृत वाहन की स्वीकृत बैठक क्षमता से अधिक नहीं होगी। यात्री ट्रेन, घरेलू हवाई यात्रा आदि द्वारा आवागमन गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) द्वारा नियमित किया जाना निरन्तर जारी रहेगा।

आदेश में वर्णित गाईडलाईन व निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जावे। आदेश में वर्णित शर्तों का उल्लंघन दण्डनीय होगा तथा उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों पर भारतीय दण्ड संहिता एवं आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 एवं “ज्ीम त्ंरंेजींद म्चपकमउपब क्पेमंेमे व्तकपदंदबमए 2020“ व अन्य सु-संगत विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजित किया जा सकेगा।