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सुशासन दिवस पर बिलाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद पी.पी. चौधरी एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री भजन लाल ने भाग लिया

कृषि कानूनों से किसानों की आय तो दोगूनी होगी ही साथ ही साथ विश्व पटल पर देश की कृषि व्यवस्था प्रेरणा के रूप विकसित


पाली - सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी ने संसदीय क्षेत्र पाली के बिलाड़ा शहर के आलोक विद्यालय प्रांगण में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस  ‘‘सुशासन दिवस’’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देशभर के विभिन्न किसानों ओर किसान संगठनों से संवाद का प्रसारण कार्यकताओं और स्थानीय किसानों ने एक साथ देखा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की दूसरी किश्त देशभर के 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ से अधिक की धनराशी हस्तान्तरित की गई। माननीय प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन में कृषि बिलों के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा किसानों को संगठित, स्वतंत्र और उद्यमी बनाने के क्रांतिकारी उपायों की स्पष्टता एवं प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई दी। संबोधन के बाद किसान भाईयों ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री जी के गगनभेदी ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ की करतल ध्वनि के साथ प्रति आभार जताया। किसान भाईयों के इसी विश्वास के कारण मोदी सरकार अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए विरोध कर रही पार्टियों व लोगों के विरूद्ध डटकर खड़ी है।

इस अवसर पर सांसद चौधरी ने किसानों और लोगों को केन्द्र में भाजपा की योजनओं का धरातल पर असर बताते हुए बिलाड़ा क्षेत्र में हुए विकास कार्योंे से अवगत कराया। सांसद चौधरी ने कृषि से जुड़े तीनों कानूनों का पक्ष रखते हुए इनकी महत्वता बताते हुए कहा कि उक्त कानूनों के माध्यम् से देशभर में कृषि का विकास अपने नए आयाम छू सकेगा, जिससे किसानों की आय तो दोगूनी होगी ही साथ ही साथ विश्व पटल पर देश की कृषि व्यवस्था प्रेरणा के रूप विकसित होगी। 

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा महामंत्री श्री भजन लाल शर्मा, पूर्व विधायक बिलाड़ा पूर्व विधायक श्री अर्जुनलाल गर्ग, देहात जिलाध्यक्ष श्री जगराम विश्नोई, नगरपालिका बिलाड़ा चैयरमेन श्री रूपसिंह सीरवी, पूर्व प्रधान बिलाड़ा श्रीमती सुमित्रा विश्नोई सहित संगठन के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में किसान भाई एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।





रिपोर्ट - राजीव दाधीच