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किसानों को दिन में बिजली उपलब्धता के होंगे प्रयास, 16 जिलों में दिन में 2 ब्लॉक में मिलेगी बिजली

जयपुर: राजस्थान सरकार किसानों को सर्दी के सीजन में दिन में बिजली सप्लाई पर फोकस कर रही है. जयपुर डिस्कॉम के बाद अब अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के किसानों को भी दिन में बिजली मिलने लगेगी. इसके लिए ऊर्जा विभाग अपने मैनेजमेंट को बेहतर करेगा. सर्दी के सीजन में किसानों को रात की बजाय दिन में बिजली सप्लाई के प्रयास किए जाएगें.



ऊर्जा विभाग बेहतर पावर मैनेजमन्ट के द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं, विशेषरुप से कृषि उपभोक्ताओं को रबी की फसल में सिंचाई के लिए बिना व्यवधान के अच्छी गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति के प्रयास कर रहा है, किसानों को नए विद्युत कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया भी रफ्तार है. सीएमओ की ओर से लगातार मॉनिटरिंग से बेहतर परिणाम आ रहे हैं. प्रदेश के किसानों को ठंड के  सीजन में बिजली महकमा राहत दिलाएगा. रात की बजाय दिन में बिजली सप्लाई अधिक करवाने के प्रयास होंगे. ऊर्जा मंत्री डॉ बीडी कल्ला का कहना है कि प्रदेश में बिजली का उत्पादन 24 घंटे होता हैं ऐसे में सप्लाई भी लगातार जारी रहती है. प्रदेश में यह सीजन सिंचाई का भी हैं ओर सर्दी का भी. ऐसे में कोशिश रहेगी की अधिकतम घंटै किसानों को दिन के समय विद्युत आपूर्ति की जाए. बजट घोषणा के अनुरूप 13 जिलों में बिजली दी जाने लगी है, तीन अन्य में भी प्रक्रिया चालु है. आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश के किसानों को लाभ दिया जाएगा. जल्द ही पूरे प्रदेश में एग्रीकल्चर फीडर विकसित कर स्थायी तौर पर दिन में बिजली मुहैया करवाने के प्रयास होंगे.

राजस्थान में ऊर्जा महकमा तीनों बिजली कंपनियों जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के जरिए अलग से एग्रीकल्चर फीडर विकसित करने जा रहा है. 16 जिलों में दिन में 2 ब्लॉक में इस सीजन में बिजली मिलेगी. कोटा, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर, पाली, सिरोही, जालौर, जैसलमेर, अजमेर, प्रतापगढ, उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमन्द, बांसवाड़ा, डूंगरपुर व चित्तौड़ जिले के किसानों दिन में बिजली देने की तैयारी है. वहीं, आने वाले दिनों में सौर ऊर्जा कनेक्शन भी अधिक संख्या में किसानों को उपलब्ध करवाने का प्लान बनाया जा रहा है.

प्रदेश में विद्युत उपभोक्ता
1.52 करोड़ कुल उपभोक्ता
45 लाख : बीपीएल
3.54 लाख : उद्योग श्रेणी
14.70 लाख : कृषि उपभोक्ता
90 लाख घरेलू उपभोक्ता

उपभोक्ताओं
1.19 करोड़ घरेलू
14.16 लाख कामर्शियल
2 लाख स्ट्रीट लाइट
14.41 लाख कृषि
2.90 लाख लघु उद्योग
51 हजार मध्यम श्रेणी उद्योग
13 हजार बड़े उद्योग
50 हजार मिक्स लोड कनेक्शन

घाटे से जुझ रहा ऊर्जा महकमा अपनी पॉवर दिखाने लगा है. बचत के नियम लागू होने के साथ ही 1100 करोड़ रुपए जहां छीजत कम करके बचाए गए है, वहीं विजिलेंस भी वीसीआर भरने पर एक्टिव है. विभागीय अधिकारी किसानों और आम उपभोक्ताओं को सुविधा के साथ औद्योगिक बिजली तंत्र में सुधार की कोशिश कर रहे हैं. देश में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान राजस्थान सरकार की कृषि कनेक्शनों को दिन में विद्युत आपूर्ति सराही जा रही है. हालांकि विभाग में भ्रष्ट्राचार के मामले भी बड़ी संख्या में फाइलों के साथ दबे हुए हैँ, ऐसे में ऊर्जा महकमे में इन पर काम किए जाने की जरुरत है.