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लॉक डाउन की उड़ रही धज्जियां, जैसलमेर से लेकर पाली जिले के जैतारण सरहद तक पहुंच रहे पैदल मजदूरों के जत्थे।


पाली : लॉक डाउन की उड़ रही धज्जियां, जैसलमेर से लेकर पाली जिले के जैतारण सरहद तक पहुंच रहे पैदल मजदूरों के जत्थे,  रात के अंधेरों में सन्नाटे को चीरते हुए 3 जिलों की सरहदें पार कर आगे आगे बढ़ते जा रहे एमपी के मजदूर, बात हाईवे नंबर 112 की है, बाहरी क्षेत्र से आने वाले मजदूरों को रोकने के लिए सारी व्यवस्थाएं फेल साबित हो रही है , एमपी के गुना जिले के रहने वाले मजदूरों का एक जत्था जिसमें 40 से 45 के लगभग मजदूर जैसलमेर से पहुंचे जैतारण  बाबा रामदेव भंडारा,  वहां पहुंचने के बाद भंडारे के प्रणेता कालूराम बागड़ी ने इन मजदूरों के लिए बाबा रामदेव सेवा समिति राम रसोड़ा से खाने-पीने की व्यवस्था की और उपखंड अधिकारी को सूचना दी उन्होंने भी 3 घंटे बाद राम रसोड़ा को सेनेट्राइज करवा कर करली कार्य की इतिश्री और आने वाले मजदूर यहां पर खाना वगैरह खाकर आगे एमपी पहुंचने के लिए हो गए पैदल रवाना, कुछ दिन पहले ही उपखंड अधिकारी कार्यालय के पास इसी तरह मजदूरों का एक जत्था पहुंचा था आधे घंटे तक उपखंड कार्यालय के बाहर बैठा रहा और वहां पर इन मजदूरों को बिस्किट वगैरह के पैकेट पकड़ा कर आगे के लिए रवाना कर दिया गया, क्या यही है लॉक डाउनलोड? इस जत्थे में 35 वयस्क महिलाएं एवं पुरुष के साथ 8 बच्चे भी थे जिन्हें कंधों पर बिठाकर और सामानों की गठरियां सर पर लादकर यह जत्था पैदल अपने घरों की तरफ रवाना हो गया, और सरकारी नुमाइंदे इन्हें जाता हुआ देखते रहे, यह हो रही है सरकारी आदेशों की पालना , और इसी तरीके से रोका जा रहा करोना को फैलने से