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मंत्रिपरिषद की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, बताया - राजस्थान में कब तक रहेगा लॉकडाउन।

जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की बैठक हुई. बैठक में कोरोनायरस, ब्लैक फंगस और वैक्सीनेशन को लेकर अहम चर्चा हुई।सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रभार वाले जिलों की वस्तु स्थिति से अवगत कराया. मंत्रियों ने वर्तमान में जारी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने पर अपनी सहमति दी।

राजस्थान में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को करना है. वहीं, मख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने जिलों पर खास निगरानी रखने के निर्देश दिए. दवा, चिकित्सा उपकरण, ऑक्सीजन सप्लाई की कमी नहीं आने दी जाए।

मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वास्थ्य के मुद्दों पर अहम चर्चा परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वास्थ्य के मुद्दों पर अहम चर्चा हुई. इनमें कोविड-19 केस वर्तमान में कम होने के बाद ब्लैक फंगस परेशानी का सबब बना हुआ है. इसके लिए राजस्थान डेडीकेटेड अस्पताल निर्धारित करने वाला पहला राज्य है. वहीं, वैक्सीनेशन की कमी से बंद हो रही सेंटर्स पर भी मंत्री परिषद की बैठक में चर्चा हुई. प्रदेश सरकार के पैसे देने के बावजूद भी वैक्सीन नहीं मिल रही है. इस पर भारत सरकार को सोचना चाहिए. साथ ही कालाबाजारी और आपदा में अवसर ढूंढने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने पर मंत्रिपरिषद समूह ने अपनी सहमति दी।


मुख्य बिंदु


• मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक सम्पन्न

• मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का बयान 

• जब तक केस कम नहीं होंगे तब तक लॉकडाउन के समर्थन में मंत्रिपरिषद

• केस कम होते ही रियायतें देना होगा शुरू

• ब्लैक फंगस के लिए राजस्थान ने अस्पताल तय किए

• वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार को करना चाहिए राज्यों को सपोर्ट

• हालात यह हैं पैसे देने के बावजूद वैक्सीन नहीं मिल रही है