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टिक टॉक से प्रसिद्ध राजस्थानी एक्टर रश्मि सुथार, नारी को शिक्षा और सम्मान, इससे होगा देश महान।

टिक टॉक से प्रसिद्ध राजस्थानी एक्टर रश्मि सुथार, नारी को शिक्षा और सम्मान, इससे होगा देश महान।


मारवाड़ जक्शन :  वाकिफ कहां था जमाना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमां से’, कुछ इसी ही लक्ष्य के साथ काम करते हुए राजस्थानी म्यूजिक इंडस्ट्री में विशिष्ठ पहचान बनाई है चुरू जिले की रश्मि सुथार अब तक राजस्थानी विवाह गीत से लेकर हजारों भजन, गानों में अभिनय कर चुकी सुथार की एक्टिंग का असर ही है कि लोगों की जुबां पर इनका ही नाम छाया रहता है। एक्टिंग की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में राजस्थानी फिल्म एवं लव स्टोरी एलबम में काम कर रही है। 


बुगला उड़ता चार गाने से प्रसिद्ध हुई


रश्मि सुथार का कहना है कि पहले में टिक टॉक के माध्यम से वीडियो बनाया था जिस पर मुझे बहुत प्यार मिला उसके बाद राजस्थानी दतिया राजस्थानी नृत्य व एक्टिंग में आने का मौका मिला 200 से भी अधिक म्यूजिक एलबम में अपनी परफोर्मेंस से जलवा बिखेर चुकी है। इनमें से ज्यादातर वह वीडियो हैं जो यूट्यूब पर कई मिलियंस व्यूज प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक म्यूजिक एलबम में भी सिंगिंग कर प्रसिद्धि पाई। पीआरजी फिल्म्स ,एनआर प्रोडक्शन,संस्कार चैनल,सुरमा फिल्म स्टूडियो कई नामी कंपनिया शामिल हैं। सुथार ने बताया कि बुगला उड़ता चार  एलबम से शुरुआत हुई। उसके बाद सोने वाली बगड़ी , पिहरिया री ओल्यु  , नरेला रो रुख व गजेंद्र अजमेरा टीम के साथ मायरा सॉन्ग सहीत अनेक एल्बम बनाये


ड्रेसअप सेंस ने दिलाई पहचान


मुझे राजस्थानी की टे्रडिशनल लुक बेहद अच्छा लगता है। इंडस्ट्री में कदम रखा तो इसी थीम के साथ कार्य करना शुरू किया। यही वजह थी की लोगों को मेरा ड्रेसअप सेंस बेहद पसंद आया। इसके चलते नई पहचान मिली। ड्रेसअप सेंस के चलते ही कई विज्ञापन, शॉर्ट फिल्म, वीडियो में ऑफर आने लगे। नए कलाकार भी इसे फॉलो करने लगे। वहीं इस फील्ड के संघर्ष के बारे में कहा कि हारना मेरी फितरत में नहीं था। इसलिए एक समय ऐसा भी आया, जब कई लोगों ने मेरा साथ छोड़ दिया। मैंने जिनकी मदद की, उन्होंने भी किनारा कर लिया, लेकिन हार नहीं मानी।


अपने फैसले पर गर्व


सुथार ने बताया कि उनका लक्ष्य बचपन से ही इस फील्ड में जाना था। आज से 15 वर्ष पूर्व महिलाओं का इस इंडस्ट्री में आना आसान काम नहीं था। क्योंकि नारी होने के चलते कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी जरुरी था, लेकिन इन सबके बीच घरवालों खास तौर पर पिता के सहयोग ने सामंजस्य बिठाया। इसी के चलते इस इंडस्ट्री में कदम रखा।  राज्य व इससे बाहर प्रवासी राजस्थानियों के कार्यक्रम में जहां भी परफोर्म के लिए गई वहां लोगों से खूब प्यार मिला।