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कोविड-19 महामारी की बढ़ती गति से दो कदम आगे बढ़कर संक्रमण को रोकने तथा समुचित इलाज की पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करें

पाली - जिला कलक्टर अंश दीप ने जिले के अधिकारियों को कोविड-19 महामारी की बढ़ती गति से दो कदम आगे बढ़कर संक्रमण को रोकने तथा समुचित इलाज की पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार व जिला प्रशासन लोगों की जीवन रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। सरकार ने निजी लैब और अस्पतालों में कोरोना के लिए आरटीपीसीआर जांच की दर घटाकर 350 रूपए कर दिए है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन जिले में कोरोना प्रबंधन के लिए अधिकाधिक संसाधन जुटाएं। किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहे। हमारे लिए हर व्यक्ति की जान कीमती है। उन्होंने जिले में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए मानचित्र पर रूटचार्ट बनाने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता बढ़ने पर सभी जगहों पर जल्द से जल्द मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महामारी के समय में इस तरह की लापरवाही से न केवल संक्रमण बढ़ता है बल्कि यह स्थिति किसी के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।

जिला कलक्टर ने चिकित्सा विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन तथा मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की। चिकित्सकों द्वारा इन जीवन रक्षक दवाओं का तार्किक और आवश्यकता के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलेण्डर के विशेष प्रोटोकाॅल जारी करने का सुझाव दिया। जिला कलक्टर ने जिला अस्पतालों एवं मेडिकल काॅलेज में बिना लक्षण वाले तथा कम गंभीर कोरोना मरीजों का दबाव घटाने के लिए कोविड केयर संेटर तथा संस्थागत क्वारंटाइन सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों पर मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इंदिरा रसोई से भोजन के पैकेट क्वारंटाइन तथा कोविड केयर सेंटरों पर वितरित किए जा सकेंगे। 

उन्होंने बताया कि सभी जिला कलक्टरों को कोविड केयर और क्वारंटाइन तथा आइसोलेशन केन्द्रों के संचालन के लिए एसडीआरएफ के फंड का उपयोग करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद के लिए आरटीपीपी एक्ट के नियमों में शिथिलता देते हुए आवश्यकता के अनुसार बिना निविदा के खरीद की प्रक्रिया अपनाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से घर-घर सर्वेक्षण शुरू करने को कहा, ताकि संभावित मरीजों को जल्द से जल्द चिन्हित कर आइसोलेट किया जाए और उनका तुरंत इलाज शुरू किया जाए, ताकि अस्पतालों पर मरीजों का दबाव नहीं बढ़े।