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राजस्थान में शादी के लिए अब प्रशासन से अनुमति की जरूरत नहीं, सिर्फ सूचना देना पर्याप्त

जयपुर. राजस्थान में शादी-विवाह समारोह के आयोजन के लिए प्रशासन की अनुमति की कोई आवश्कता नहीं है, केवल प्रशासन को शादी समारोह के आयोजन की सूचना देना ही पर्याप्त होगा. कोविड-19 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शादी के आयोजन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ पूर्व सूचना देना जरूरी किया गया है. इसके लिए ई-मेल या कोई अन्य ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.


सीएम गहलोत ने बैठक में कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि विवाह और अन्य समारोहों में कहीं भी लोगों की संख्या को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन न हो. शादी-विवाह समारोह के आयोजन की सूचना देने के लिए लोगों को परेशान न होना पड़े और इसके लिए कहीं भी भीड़ न उमड़े. उन्होंने अधिकारियों को शादी के आयोजन की सूचना ऑनलाइन लेने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए. बता दें कि प्रदेश में कोरोना महामारी के चले शादी-विवाह और अन्य समारोहों में 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं है.



'कोरोना के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर का अध्ययन करें'

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना पॉजिटिव रोगियों को अकेले में रहने (आइसोलेशन) और बीमारी के दुष्प्रभावों के कारण मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. साथ ही वर्क फ्रॉम होम, महामारी के कारण लंबे समय से लोगों के घर पर ही रहने, बाहर न निकलने से बच्चों और बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है. कोविड-19 रोगियों और अन्य लोगों के लंबे समय से घर पर ही रहने से संभव है कि कुछ मानसिक समस्याएं अनुभव की जा रही हों. उन्होंने कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में संवेदनशील रहकर दिशा-निर्देश तैयार कर ऐसे लोगों की समुचित काउंसलिंग सुनिश्चित करें