राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष की श्रृंखला रविवार को जिले में पौधारोपण करने के साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया।
पाली :- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष की श्रृंखला रविवार को जिले में पौधारोपण करने के साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोडो आंदोलन विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। अगस्त क्रांति सप्ताह के प्रथम दिन रविवार अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने स्टेशन रोड स्थित शहीद स्मारक उद्यान में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक जगदीशचन्द राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ.सी.डी गौतम, बांगड स्कूल के प्रधानाचार्य बसंत परिहार आदि ने पौधे लगाए। कार्यक्रम में उपस्थित स्काउट गाईड, वन, नगर परिषद, शिक्षा, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 150 पौधे लगाकर वृक्षारोपण किया। शहीद स्मारक उद्यान में विचार गोष्ठी में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अगस्त क्रांति के संबंध में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोडो आन्दोलन के तहत अगस्त 1942 में आंदोलन की शुरूआत की जानकारी देते हुए बताया कि 9 अगस्त को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन मुंबई के जिला पार्क में शुरू हुआ जिसे अगस्त क्रांति का नाम दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भी जब अंग्रेज भारत को स्वतंत्र करने के लिए तैयार नहीं हुए तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में आजादी की अंतिम जंग का ऐलान कर दिया जिससे ब्रिटिश हुकुमत में दहशत फैल गई। अगस्त क्रांति दिवस की शुरूआत 9 अगस्त 1942 को हुई इसलिए भारतीय इतिहास में नो अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सप्ताह के तहत रविवार को लगाए गए पौधों की प्रतिदिन सारसम्भाल करना जरूरी है। पेड़ों का मानव जीवन में काफी महत्व है विशेषकर महामारी के इस दौर में पर्यावरण संरक्षण की नितांत आवश्यकता है।
गोष्ठी में शिक्षाविद् जगदीशचन्द्र राठौड़ ने अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त क्रांति आंदोलन शहरों के साथ गांवों में जोर पकड़ने लगा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सैनानी एवं आमजन ब्रिटीश हुकुमत से भारत को आजाद करने का दबाव बनाने लगे और आखिर जाकर अंग्रेजों ने भारत छोडा व देश आजाद हुआ। भारत छोड़ो आंदोलन अगस्त में शुरू हुआ था इसलिए अगस्त क्रांति सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अमूल्य योगदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से ही हमे आजादी मिली है आज के दिन को गौरवशाली बताते हुए उन्होंने युवाओं को ऐसे देशभक्तों से प्ररेणा लेकर गांधीजी के बताए मार्गो पर चलकर देशहित में काम करना चाहिए। सप्ताह भर जिले में कई कार्यक्रम होंगे। विचार गोष्ठी में श्रीमती संतोष दुबे ने अगस्त क्रांति आंदोलन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन व जापन में युद्ध हुआ जिसका असर भारत में देखा गया। युद्ध समाप्त पर भारत में अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन व्यापक स्तर पर शुरू हुआ और अंग्रेजों पर दबाव बढ़ने लगा। सभी वर्गों ने आंदोलन में अपनी सक्रय भूमिका निभाई देश के कई स्थानों पर समानान्तर सरकारों का गठन हुआ। उन्होंने आंदोलन को कुचलने के कई प्रयास किए। लोगों को जेल में डालकर यातनाऐं दी गई आखिरकर 1947 में देश को आजादी मिली। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ी मेहनत व यातनाऐं सहकर देश को आजादी दिलाई, प्रधानाध्यापक बसंत परिहार, डाॅ.सी.डी गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ ही मास्क की अनिवार्यता रखकर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बांगड काॅलेज के लेक्चरर देवाराम, सीओ स्काउट गोविंद, गाईड डिम्पल दवे, ललित बागवान, शंकर दैया, ऋतु भाटी, नेमाराम, गंगाराम, जसंवतसिंह, राजेन्द्र राकेजा, हेमंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। जिले के सभी ब्लाॅक में भी अगस्त क्रांति सप्ताह के अन्तर्गत पौधारोपण के साथ विचार गोष्ठियों का आयोजन हुआ। अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि 10 अगस्त को स्वच्छ राजस्थान के अंतर्गत जिला एवं उपखण्ड के प्रमुख स्थानों पर सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए सफाई का कार्य किया जाएगा जिसमें एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्काउट एवं गाईड को जोड़ते हुए समाज सेवकों को भी शामिल किया जाएगा। जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों व संस्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
पाली :- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष की श्रृंखला रविवार को जिले में पौधारोपण करने के साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोडो आंदोलन विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। अगस्त क्रांति सप्ताह के प्रथम दिन रविवार अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने स्टेशन रोड स्थित शहीद स्मारक उद्यान में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक जगदीशचन्द राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ.सी.डी गौतम, बांगड स्कूल के प्रधानाचार्य बसंत परिहार आदि ने पौधे लगाए। कार्यक्रम में उपस्थित स्काउट गाईड, वन, नगर परिषद, शिक्षा, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 150 पौधे लगाकर वृक्षारोपण किया। शहीद स्मारक उद्यान में विचार गोष्ठी में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अगस्त क्रांति के संबंध में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोडो आन्दोलन के तहत अगस्त 1942 में आंदोलन की शुरूआत की जानकारी देते हुए बताया कि 9 अगस्त को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन मुंबई के जिला पार्क में शुरू हुआ जिसे अगस्त क्रांति का नाम दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भी जब अंग्रेज भारत को स्वतंत्र करने के लिए तैयार नहीं हुए तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में आजादी की अंतिम जंग का ऐलान कर दिया जिससे ब्रिटिश हुकुमत में दहशत फैल गई। अगस्त क्रांति दिवस की शुरूआत 9 अगस्त 1942 को हुई इसलिए भारतीय इतिहास में नो अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सप्ताह के तहत रविवार को लगाए गए पौधों की प्रतिदिन सारसम्भाल करना जरूरी है। पेड़ों का मानव जीवन में काफी महत्व है विशेषकर महामारी के इस दौर में पर्यावरण संरक्षण की नितांत आवश्यकता है।
गोष्ठी में शिक्षाविद् जगदीशचन्द्र राठौड़ ने अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त क्रांति आंदोलन शहरों के साथ गांवों में जोर पकड़ने लगा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सैनानी एवं आमजन ब्रिटीश हुकुमत से भारत को आजाद करने का दबाव बनाने लगे और आखिर जाकर अंग्रेजों ने भारत छोडा व देश आजाद हुआ। भारत छोड़ो आंदोलन अगस्त में शुरू हुआ था इसलिए अगस्त क्रांति सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अमूल्य योगदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से ही हमे आजादी मिली है आज के दिन को गौरवशाली बताते हुए उन्होंने युवाओं को ऐसे देशभक्तों से प्ररेणा लेकर गांधीजी के बताए मार्गो पर चलकर देशहित में काम करना चाहिए। सप्ताह भर जिले में कई कार्यक्रम होंगे। विचार गोष्ठी में श्रीमती संतोष दुबे ने अगस्त क्रांति आंदोलन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन व जापन में युद्ध हुआ जिसका असर भारत में देखा गया। युद्ध समाप्त पर भारत में अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन व्यापक स्तर पर शुरू हुआ और अंग्रेजों पर दबाव बढ़ने लगा। सभी वर्गों ने आंदोलन में अपनी सक्रय भूमिका निभाई देश के कई स्थानों पर समानान्तर सरकारों का गठन हुआ। उन्होंने आंदोलन को कुचलने के कई प्रयास किए। लोगों को जेल में डालकर यातनाऐं दी गई आखिरकर 1947 में देश को आजादी मिली। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ी मेहनत व यातनाऐं सहकर देश को आजादी दिलाई, प्रधानाध्यापक बसंत परिहार, डाॅ.सी.डी गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ ही मास्क की अनिवार्यता रखकर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बांगड काॅलेज के लेक्चरर देवाराम, सीओ स्काउट गोविंद, गाईड डिम्पल दवे, ललित बागवान, शंकर दैया, ऋतु भाटी, नेमाराम, गंगाराम, जसंवतसिंह, राजेन्द्र राकेजा, हेमंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। जिले के सभी ब्लाॅक में भी अगस्त क्रांति सप्ताह के अन्तर्गत पौधारोपण के साथ विचार गोष्ठियों का आयोजन हुआ। अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि 10 अगस्त को स्वच्छ राजस्थान के अंतर्गत जिला एवं उपखण्ड के प्रमुख स्थानों पर सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए सफाई का कार्य किया जाएगा जिसमें एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्काउट एवं गाईड को जोड़ते हुए समाज सेवकों को भी शामिल किया जाएगा। जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों व संस्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।


