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कोरोना संकट में कविताओ एवं भजनों से कर रहे लोगों को जागरूक।


कंटालिया: लोकडाउन की विषम परिस्थितियों के बीच समाज को जागरूक करने के लिए गांव कंटालिया के युवा अपना योगदान दे रहे हैं जब सभी लोग अपने अपने घरों में बंद है, ऐसे में भी समाजसेवी/ अपराजिता का हौसला बुलंद हैं, ऐसा ही कुछ हौसला मारवाड़ जंक्शन के गांव कंटालिया के निवासी साहित्यकार कवि आदित्य मौर्य एवं भजन गायक जीतू बंजारा दिखा रहे हैं।
दोनों अपने अपने कार्यों को समाज के प्रति समर्पित कर रहे हैं, सोशल मीडिया के अपने फेसबुक पेज के माध्यम से जीतू बंजरा प्रतिदिन लाइव भजनो के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करने के साथ साथ कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

कवि मौर्य साहित्य/ कविता के माध्यम से लोगों को दे रहे संदेश।

जब लोगों को कुछ अलग करने, देखने व सुनने की चाह है, ऐसे में युवा कवि आदित्य मौर्य अपनी साहित्य रचनाओं के माध्यम से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं, कवि मौर्य मूलतः कंटालिया के रहने वाले हैं बचपन से ही साहित्य में रुचि रखने वाले कवि मौर्य की साहित्य उपलब्धियां भी कम नही है, ये निरन्तर साहित्य के माध्यम से समाज मे बदलाव लाने के प्रयासरत हैं, ज्ञात है कि मृत्युभोज के विरूद्ध अपने अभियान में सैकड़ों युवाओ को मृत्युभोज ना ग्रहण करने की शपथ दिलवा चुके हैं, इनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति में अपनी एक विशेष कला होती है बस जरूरत है तो उसे पहचा कर जाग्रत करने की, आदित्य कहते हैं कि कविता मन को भाव विभोर एवं आनंदित कर देती हैं, हर कोई कवि है बस जरूरत है तो मन की सुनने की।