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 कांग्रेस पार्षदों ने पालिकाध्यक्ष व अध्यक्ष पति के खिलाफ खोला मोर्चा।



पाली‌ :- सुमेरपुर नगरपालिका के कांग्रेस पार्षदों ने अपने वार्डो में विकास कार्यो में भेदभाव का आरोप लगाकर पालिका अध्यक्ष उषा कंवर राठौड़ व उनके पति अनोप सिंह राठौड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं, आज कांग्रेस पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर व स्वायत्त शासन विभाग के क्षेत्रीय उपदिदेशक को ज्ञापन सौंपकर उनके साथ हो रहे भेदभाव को लेकर कार्यवाही की मांग की,ज्ञापन में उन्होंने बताया कि सुमेरपुर नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बने करीब एक वर्ष हो चुका है लेकिन इस एक वर्ष के दौरान पालिकाध्यक्ष उषा कंवर राठौड़ द्वारा विकास कार्यो को लेकर कांग्रेस पार्षदों के वार्डो के साथ भेदभाव किया जा रहा है,जबकि इसी दौरान बीजेपी के पार्षदों के वार्डो में जमकर विकास कार्य करवाये गए है,ऐसा लग रहा है कि वो पालिका के सरकारी फंड को भाजपा का फंड समझ रही है,ज्ञापन में आगे उन्होंने बताया कि इस भेदभावपूर्ण रवैये में उनके पति अनोप सिंह राठौड़(जो कि पूर्व में इसी पालिका में अधिशाषी अधिकारी रह चुके है) का भी पूरा हाथ है,जिनका पालिका के हर कार्य मे पूरा हस्तक्षेप रहता है,उनके द्वारा भाजपा के चुनिंदा चहेते पार्षदों को तो हर कार्य मे पूरी तवज्जो दी जाती है लेकिन कांग्रेस पार्षदों के साथ खिन्न व्यवहार किया जाता है,वो अपने धनबल और राजनैतिक ताकत के  जरिये पालिका अधिकारियों व कर्मचारियों पर पूरा रौब झाड़ते है,उनके द्वारा नियम विरुद्ध पालिका कार्यालय की फाइलें अपने घर लेकर जाना तो जैसे आम बात हो गई है,कुछ समय पूर्व पालिका कार्मिकों द्वारा इसका विरोध करने पर इनके द्वारा अपनी अध्य्क्ष पत्नी की अनुशंसा पर एक पत्र जारी करवाकर खुद को उनका निजी सचिव अपॉइंटमेंट करवा दिया ,जबकि पालिका कानून ने ऐसा कोई नियम नहीं है,अगर पालिकाध्यक्ष को वास्तव में निजी सचिव की जरूरत थी तो वो पालिका के ही किसी कार्मिक को अपॉइंट कर सकती थी,लेकिन इनके पति अनोप सिंह राठौड़ ने पालिका का पूरा नियंत्रण अपने हाथ मे लेने के लिए ऐसा नियम विरुद्ध पत्र जारी करवाया,कुछ माह पूर्व जब अधिशाषी अधिकारी योगेश आचार्य ने जब पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ को पालिका के कार्यो में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने की सलाह दी तो राठौड़ भड़क गए और उन्होंने अपने भाजपा के कुछ पार्षदों को साथ लेकर अधिशाषी अधिकारी आचार्य के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया,जबकि अधिशाषी अधिकारी आचार्य ने सुमेरपुर पालिका में अपनी नियुक्ति से लेकर अब तक शहर में विकास कार्यो व सौन्दर्यकरण के नए आयाम स्थापित किये है,यह उनकी कार्यशैली ही है कि किसी समय सफाई व्यवस्था में फिसड्डी माने जाने वाला सुमेरपुर आज सफाई व्यवस्था में राजस्थान में चौथे पायदान पर आ गया है,वैश्विक महामारी कोरोना के समय आचार्य के अथक प्रयासों से ही शहर ने कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोया,इन्होंने सही मायनों में राज्य सरकार की गुड गवर्नेंस को यहां लागू करवाया है,यहां तक कि इनके कार्यो की स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुक्त कंठ से प्रशंसा कर चुके है,ऐसे ईमानदार अधिकारी पर अनैतिक दबाव डालने के लिए पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ ने पालिकाध्यक्ष व अपने चहेते पार्षदों के माध्यम से झूठी शिकायते करवानी शुरू कर दी,जो कि आज भी निरंतर जारी है,इनके इन्ही कुप्रयासों से गत माह स्वायत शासन विभाग द्वारा अधिशाषी अधिकारी आचार्य का पक्ष सुने बिना एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया,इसी मौके का फायदा उठाकर पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ ने अपने पुराने मित्र अधिशाषी अधिकारी दीन मोहम्मद का स्थानांतरण सुमेरपुर अधिशाषी अधिकारी के पद पर करवा दिया,इसी दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय ने आचार्य के निलंबन पर रोक लगा दी व आचार्य ने भी पुनः सुमेरपुर नगरपालिका में चार्ज ले लिया,जिस पर शहरवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गई,लेकिन पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ आग बबूला हो गए,उधर पूर्व अधिशाषी अधिकारी दीन मोहम्मद को भी नियमानुसार स्वायत शासन विभाग में उपस्थिति देनी थी,लेकिन पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ व दीन मोहम्मद ने अब फिर से अधिशाषी अधिकारी आचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है,इनके द्वारा बार बार अधिशाषी अधिकारी आचार्य के खिलाफ झूठी शिकायतें की जा रही है,जिससे पालिका का माहौल खराब हो रहा है व शहरवासियों के नियमित कार्य भी प्रभावित हो रहे है,जबकि हम सभी कांग्रेसी पार्षद अधिशाषी अधिकारी योगेश आचार्य की कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट है,ज्ञापन के आगे उन्होंने बताया कि पालिकाध्यक्ष उषा कंवर राठौड़ द्वारा पालिकाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद उनके द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अपने पुत्र की फर्म अनुपम कंस्ट्रक्शन को नियम विरुद्ध करोड़ो रुपयों का भुगतान कर दिया गया,जबकि स्वायत शासन विभाग के नियमों में स्पष्ट है कि पालिका पार्षद या अध्यक्ष के रिश्तेदारों को किसी प्रकार का फायदा नहीं पंहुचाया जा सकता और ऐसा करने पर स्वायत शासन विभाग द्वारा इनका निलंबन किया जाता है,जब इस मामले की शिकायत की गई तो पालिकाध्यक्ष पुत्र ने एक डमी फर्म के माध्यम से करोड़ो रुपयों का भुगतान उठा लिया,जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बन चुका है,ज्ञापन में कांग्रेस पार्षदों ने पालिकाध्यक्ष द्वारा पद का दुरुपयोग कर के अपने पुत्र की फर्म को नियम विरुद्ध किये गए भुगतान की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग करते हुए जांच पूरी होने तक पालिकाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की गई है,साथ ही साथ पूर्व अधिशाषी अधिकारी दीन मोहम्मद को स्वायत्त शासन विभाग मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश देने और पालिकाध्यक्ष पति राठौड़ द्वारा पालिका कार्यो में किये जा रहे अनावश्यक हस्तक्षेप को रोकने की मांग की गई है,पार्षदों ने वर्तमान अधिशाषी अधिकारी योगेश आचार्य को ही सुमेरपुर पालिका में यथावत रखने का भी आग्रह करते हुए उनका निलंबन रद्द करने का आग्रह किया है,साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने इस सम्बन्ध में चेताया भी है कि अगर पालिकाध्यक्ष व पालिकाध्यक्ष पति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं तो वो पालिका कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ी तो अपना सामुहिक इस्तीफा स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को सौंप देंगे,पार्षदों ने बताया कि इस सम्बन्ध में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाकर स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव,निदेशक व मंत्री शांति धारीवाल से मुलाकात कर कार्यवाही की मांग करेगा।